बांद्रा पश्चिम की SRA परियोजना में 7 साल की देरी पर सोसायटी का बिल्डर के खिलाफ आरोप, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाए कई सवाल


बांद्रा पश्चिम की SRA परियोजना में 7 साल की देरी पर सोसायटी का बिल्डर के खिलाफ आरोप, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाए कई सवाल


निर्माली शर्मा, मुंबई

बांद्रा पश्चिम स्थित एक प्रमुख SRA पुनर्विकास परियोजना में हो रही देरी और कथित अनियमितताओं को लेकर  आई कंदेश्वरी एसआरए कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड  की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान सोसायटी के पदाधिकारियों ने डेवलपर **हरे कृष्णा डेवलपर्स** पर गंभीर आरोप लगाते हुए परियोजना में हो रही देरी और किरायेदारों के साथ हुए समझौते के उल्लंघन का मुद्दा उठाया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि इस पुनर्विकास परियोजना के कार्यान्वयन में करीब 7 वर्षों की देरी हो चुकी है। यह देरी स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के सीईओ द्वारा धारा 13(2) के आवेदन की सुनवाई के दौरान आधिकारिक रूप से दर्ज भी की गई है।


सोसायटी के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि परियोजना के किरायेदारों को देय किराया लगातार 14 महीनों तक बकाया रखा गया। कई बार शिकायत करने के बाद बिल्डर द्वारा आंशिक भुगतान किया गया। इसके अलावा किरायेदारों के साथ हुए समझौते के अनुसार किराए में 10 प्रतिशत बढ़ोतरीbका वादा किया गया था, जिसे भी लंबे समय तक लागू नहीं किया गया। बाद में धारा 13(2) की सुनवाई के बाद ही बिल्डर ने बढ़े हुए किराए के साथ भुगतान करने पर सहमति जताई।



सोसायटी का यह भी आरोप है कि आंशिक रूप से निर्मित इमारत में फ्लैटों के आवंटन के लिए लॉटरी प्रक्रिया दो साल की देरी से आयोजित की गई। साथ ही बिल्डर पर यह भी आरोप लगाया गया कि सोसायटी की सहमति के बिना ही फ्लैटों की बिक्री शुरू कर दी गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि अपने नए घरों के इंतजार में करीब 25 वरिष्ठ नागरिकों का निधन हो चुका है। इसके बावजूद सोसायटी का कहना है कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए बिल्डर की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

सोसायटी के अनुसार कई अन्य गंभीर मुद्दे भी सामने आए हैं। जिनमें भवन निर्माण की योजनाएं सोसायटी के साथ साझा नहीं करना, किरायेदारों के साथ हुए समझौते की शर्तों का पालन नहीं करना, और किरायेदारी समझौते में वादा किया गया मुआवजा न देना शामिल है। इसके अलावा 14 निवासियों के अनुलग्नक (Annexure) अभी तक अंतिम रूप में तैयार नहीं किए गए हैं और इन मामलों में कथित तौर पर **एफएसआई के अवैध इस्तेमाल** का भी आरोप लगाया गया है।

सोसायटी के मुख्य प्रवर्तक प्रसाद सरफरे प्रदीप ने कहा कि बिल्डर ने इस परियोजना से जुड़े कुल 297 किरायेदारों के साथ धोखाधड़ी की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द किरायेदारों को न्याय दिलाया जाए और परियोजना का काम तेजी से पूरा कराया जाए।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सोसायटी ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।






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